लाडो,जीवन को प्रयोगशाला मत बनने दो i लाडो https://youtu.be/8Xpt818Z9VM आज जो जीवन तुम्हारा है , उसके लिए प्रसव का दर्द सहा था मैंने रातों को जागकर तुम्हें थपकाया था अपनी इच्छाओं को दबा , तुम्हारी मालिश के लिए ऑलिव ऑयल मंगवाया था। लाडो आज जो जीवन तुम्हारा है , चाची की बाहों ने झूला झूलाया था उसे मौसी ने चलना सिखाया था नानी ने तुम संग बचपन जीया था नानू ने पढ़ना सिखाया चाचा ने खिलौनों से आंगन भरा था तुम्हारा। लाडो आज जो जीवन तुम्हारा है , पापा की आँखों ने सुंदर सपने सजाए थे उस पर। दादा का सीना गर्व से भर आया था दादी ने जरूर थोड़ा मातम मनाया था पर लाडो आज जो जीवन तुम्हारा है , घर के एक-एक सदस्य ने अपनी सांसों से सींचा है। अब बारी तुम्हारी है। अपनापन दिखाने की अपनों से जुड़े रहने की अपनों के संग जीने की। अपने लिए तो जानवर भी जीते हैं कष्टों से लड़कर जब इंसान खुद को अपनों के...
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